केंद्रीय जांच एजेंसी एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने कोलकाता के डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को सोनापप्पू रंगदारी और धन शोधन मामले में गिरफ्तार किया। अधिकारी सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी ऐसे समय हुई जब डीसीपी ने इस उच्च स्तरीय मामले में एजेंसी द्वारा जारी कई समन को नजरअंदाज किया था।
सिन्हा बिस्वास के खिलाफ गिरफ्तारी से पहले लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था, ताकि वे देश छोड़ने की कोशिश न कर सकें। अधिकारियों के अनुसार, एजेंसी उनके वर्तमान पद, ड्यूटी स्थिति और ठिकाने की जानकारी जुटा रही थी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि वे जांच में उपस्थित हों।
सोनापप्पू मामला:
कोलकाता के बालीगंज निवासी सोनापप्पू पर भूमि हड़पने, रंगदारी व शस्त्र अधिनियम के तहत अपराध जैसी कई धाराओं में आरोप हैं। शिकायतों के आधार पर ED ने मामले की जांच शुरू की और पहले व्यापारी जॉय कमदार को बेहाला से गिरफ्तार किया।
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अप्रैल में, ED ने सिन्हा बिस्वास के कोलकाता स्थित फर्न रोड घर पर छापेमारी की। अगले दिन, एजेंसी ने सिन्हा बिस्वास और उनके दो बेटों, सयंतन और मनीष, को पूछताछ के लिए समन भेजा, लेकिन कोई भी पेश नहीं हुआ।
पिछले कुछ समय में, सिन्हा बिस्वास को पांच बार समन भेजा गया, लेकिन वे एजेंसी के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। अधिकारियों का अनुमान है कि लगातार सहयोग न करना जांच से बचने के प्रयास का संकेत हो सकता है।
इस गिरफ्तारी को सोनापप्पू मामले में ED की जारी जांच को महत्वपूर्ण विकास के रूप में देखा जा रहा है।
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