दिल्ली की एक अदालत ने कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके 19 सहयोगियों के खिलाफ गंभीर आरोप तय किए हैं। पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने इस मामले में मकोका (MCOCA), आर्म्स एक्ट और एक्सप्लोसिव्स एक्ट के तहत आरोप तय किए हैं।
पुलिस के अनुसार, बिश्नोई और उसके गिरोह के सदस्य जेल के अंदर से ही एक बड़े संगठित अपराध नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। यह नेटवर्क हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में सक्रिय था।
जांच एजेंसियों का दावा है कि यह गिरोह हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, अपहरण, रंगदारी वसूली और धमकी जैसे अपराधों में शामिल था। पुलिस ने बताया कि जेल के भीतर से कई मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनका उपयोग अपराधों को अंजाम देने और बाहरी सहयोगियों से संपर्क बनाए रखने के लिए किया जाता था।
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इसके अलावा, पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि इस गैंग के कुछ सदस्य थाईलैंड, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका से भी गतिविधियों का संचालन कर रहे थे, जिससे इस नेटवर्क का अंतरराष्ट्रीय विस्तार सामने आया है।
अदालत ने माना कि यह एक संगठित और व्यापक आपराधिक नेटवर्क है, जो कई स्तरों पर काम कर रहा था। मकोका जैसे सख्त कानून के तहत आरोप तय होना इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है।
इस मामले में आगे की सुनवाई के दौरान साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह मामला संगठित अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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