उत्तर प्रदेश के मेरठ के चर्चित ब्लू ड्रम हत्याकांड में दोषी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला ने मृत्युदंड के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। मेरठ जिला अदालत ने 14 अक्टूबर को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोनों को फांसी की सजा सुनाई थी। अब दोनों दोषियों ने अपने वकीलों के माध्यम से संयुक्त अपील दायर कर सजा को चुनौती दी है।
रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों की अपील में मृत्युदंड के फैसले को चुनौती दी गई है। वहीं, अभियोजन पक्ष के वकील कृष्णकांत चौबे ने बताया कि दोनों को सुनाई गई फांसी की सजा की पुष्टि के लिए मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजा गया है। हाईकोर्ट की पुष्टि अभी लंबित है। फिलहाल मुस्कान और साहिल मेरठ की चौधरी चरण सिंह जेल में बंद हैं।
क्या है सौरभ राजपूत हत्याकांड?
यह मामला 17 मार्च 2025 को सामने आया था, जब मेरठ में सौरभ राजपूत का क्षत-विक्षत शव उनके ही घर में रखे एक नीले ड्रम से बरामद किया गया। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था और मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आ गया था।
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जांच के अनुसार, आरोप था कि मुस्कान ने अपने पति सौरभ की हत्या 3 मार्च 2025 को साहिल की मदद से की। इसके बाद अगले दिन शव के 15 टुकड़े करके उन्हें नीले ड्रम में छिपा दिया गया, ताकि अपराध के सबूतों को ठिकाने लगाया जा सके।
बताया जाता है कि हत्या के बाद 5 मार्च को मुस्कान और साहिल शिमला चले गए थे। पुलिस ने जांच के दौरान दोनों के खिलाफ सबूत जुटाए और 17 मार्च को ड्रम से सौरभ का शव बरामद किया। इसके बाद 19 मार्च 2025 को दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
मामले की सुनवाई जुलाई 2025 में जिला अदालत में शुरू हुई। गवाहों के बयान और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने 14 अक्टूबर को दोनों को दोषी ठहराते हुए मृत्युदंड सुनाया। अब इस फैसले पर अंतिम निर्णय हाईकोर्ट की सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के बाद होगा।
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