उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में वर्ष 2011 में हुई हिंसा के एक अहम मामले में स्थानीय अदालत ने शनिवार को 16 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह मामला मैनाठेर क्षेत्र के एक गांव में भड़की हिंसा से जुड़ा है, जिसमें उस समय के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अशोक कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
अदालत ने सभी दोषियों को हत्या के प्रयास, डकैती और अन्य गंभीर आरोपों में दोषी पाया। आरोप है कि इन लोगों ने पुलिस चौकी पर हमला किया, वाहनों में आग लगा दी और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों पर जानलेवा हमला किया।
घटना के दौरान उस समय मुरादाबाद में तैनात उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अशोक कुमार सिंह पर भी भीड़ ने हमला कर दिया था। इस हमले में उन्हें कई गंभीर चोटें आई थीं, जिनमें हाथ, कंधे और पसलियों में आठ फ्रैक्चर शामिल थे। उन्हें करीब 10 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा और लगभग छह महीने तक इलाज चला।
और पढ़ें: मथुरा में ट्रक हादसे के बाद बवाल, पुलिस और स्थानीय लोगों में झड़प, मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश
बताया गया कि यह हिंसा एक धार्मिक पुस्तक के कथित अपमान की अफवाह के बाद भड़की थी, जिसने स्थानीय स्तर पर तनाव को बढ़ा दिया। देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई और भीड़ ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए पुलिस पर हमला कर दिया।
इस मामले में लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। यह फैसला कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई का संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है।
प्रशासन ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बढ़ाई जाएगी और किसी भी अफवाह पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
और पढ़ें: मुख्यमंत्री योगी की मां पर विवादित टिप्पणी: मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ उत्तर प्रदेश में FIR दर्ज