मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो कथित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्ताक्षर वाले फर्जी पत्र का इस्तेमाल कर एक समाजसेवी से चार लाख रुपये ठगने की कोशिश कर रहे थे। आरोपियों को वर्ली में उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वे ठगी की राशि लेने पहुंचे थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान तौसीफ़ पटेल (44) और सिद्धिनाथ पांडे उर्फ़ सुनील (43) के रूप में हुई, दोनों गोरेगांव के निवासी हैं। पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता एक एनजीओ चलाते हैं, जो वंचित बच्चों को शिक्षा सहायता प्रदान करता है और वृद्धाश्रम तथा अनाथालयों की भी मदद करता है।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने मार्च माह में सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायतकर्ता से संपर्क किया और पत्रकारों के रूप में खुद को पेश किया। इसके बाद उन्होंने फर्जी पीएम पत्र का इस्तेमाल कर चार लाख रुपये की मांग की।
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एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए सघन जांच की और उन्हें रकम लेते समय पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ अब धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और अभद्र प्रथा के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि इस तरह के मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है और समाजसेवियों को फर्जी पत्र या सोशल मीडिया संदेशों पर ध्यान न देने की सलाह दी जा रही है।
यह गिरफ्तारी इस बात का संदेश देती है कि अपराधी चाहे किसी भी बड़े नाम का उपयोग करें, कानून सख्ती से कार्रवाई करेगा।
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