राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) [एनसीपी (एसपी)] के वरिष्ठ नेता जितेंद्र आव्हाड और जयंत पाटिल ने गुरुवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की। इस बैठक के बाद राज्य की राजनीति में एनसीपी (एसपी) के सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में शामिल होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, लगभग एक घंटे तक चली यह बैठक मुंबई स्थित एकनाथ शिंदे के नंदनवन बंगले में हुई। बताया जा रहा है कि बैठक के दौरान यदि एनसीपी (एसपी) एनडीए में शामिल होती है, तो सत्ता में साझेदारी, मंत्रिपदों के बंटवारे और विभागों के आवंटन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
हालांकि, जयंत पाटिल और जितेंद्र आव्हाड ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। दोनों नेताओं का कहना है कि उनकी मुलाकात केवल अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े विकास और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर थी। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने एक नगर परिषद अध्यक्ष की अयोग्यता के मामले पर चर्चा की और इससे पहले इसी विषय पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी मुलाकात की थी।
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जयंत पाटिल ने पत्रकारों से कहा कि एक पार्षद, जिसने 7,200 मतों से जीत दर्ज की थी, उसे सांगली के कलेक्टर ने अयोग्य घोषित कर दिया। उनका कहना था कि इस मामले में उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया, इसलिए सरकार का ध्यान इस ओर दिलाना आवश्यक था।
पिछले कुछ दिनों से मीडिया के एक वर्ग में यह चर्चा चल रही है कि एनसीपी (एसपी) का विलय राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में हो सकता है और पार्टी एनडीए का हिस्सा बन सकती है। यह भी कहा जा रहा है कि संसद के आगामी मानसून सत्र में यदि परिसीमन विधेयक पेश किया जाता है तो एनसीपी (एसपी) उसका समर्थन कर सकती है।
हालांकि, पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने इन सभी अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि मीडिया में आई खबरें केवल अनाम सूत्रों पर आधारित हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी अध्यक्ष शरद पवार और वरिष्ठ नेताओं से चर्चा के बाद ही पार्टी किसी भी महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दे पर अंतिम निर्णय लेगी।
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