राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों के नतीजों की गिनती जारी है। शुरुआती और सामने आए परिणामों में सत्तारूढ़ BJP कई नगर निगमों और नगर परिषदों में कांग्रेस से आगे चल रही है। जयपुर और उदयपुर में BJP ने जीत दर्ज की है, जबकि अजमेर और जोधपुर में मुकाबला बेहद करीबी बना हुआ है।
इन चुनावों को 2028 के विधानसभा चुनाव से पहले BJP और कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। दो चरणों में हुए मतदान के दौरान 9 और 11 सितंबर को मतदाताओं ने अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया। राज्य के 309 शहरी निकायों में कुल 10,245 पार्षद पदों के लिए चुनाव हुआ।
इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाएं शामिल हैं। चुनाव में करीब 1.44 करोड़ मतदाता पात्र थे। पहले चरण में 162 निकायों में 76.41 प्रतिशत और दूसरे चरण में 147 निकायों में 71.69 प्रतिशत मतदान हुआ। दोनों चरणों को मिलाकर कुल मतदान प्रतिशत 74.05 रहा।
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इन चुनावों के परिणाम 309 शहरी निकायों और 10,167 वार्डों में 38,889 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य तय करेंगे। मतदान के लिए पूरे राज्य में 16,465 केंद्र बनाए गए थे। सीटों पर महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण भी लागू था।
10 नगर निगमों में जयपुर के 150, जोधपुर और कोटा के 100-100, अजमेर, उदयपुर और बीकानेर के 80-80, भीलवाड़ा के 70 तथा अलवर, पाली और भरतपुर के 65-65 वार्ड शामिल हैं।
पार्षदों के परिणाम के बाद महापौर और सभापति पदों के चुनाव होंगे। इनके लिए 21 सितंबर की तारीख निर्धारित है, जबकि उपमहापौर, उपसभापति और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव 22 सितंबर को होंगे।
राजस्थान के ये चुनाव शहरी राजनीति में BJP और कांग्रेस की पकड़ का संकेत देने के साथ आगामी विधानसभा चुनावों की राजनीतिक दिशा तय करने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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