तेलंगाना के कोवकूर इलाके में एक आवासीय परिसर से लापता हुई पांच वर्षीय बच्ची का शव शनिवार रात करीब नौ बजे एक विला सोसायटी के क्लब हाउस के तहखाने में मिला। बच्ची के पिता कृषि वैज्ञानिक हैं और वह उनके साथ परिसर में रहती थी। बच्ची के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके दौरान उसका शव बरामद हुआ।
पुलिस ने विक्रम नामक सुरक्षा गार्ड को संदिग्ध के रूप में चिह्नित किया है। उस पर बच्ची को अगवा करने और उसकी हत्या करने का संदेह है। आरोप है कि उसने बच्ची को छोड़ने के बदले 20 लाख रुपये की मांग भी की थी। हालांकि, मामले की जांच जारी है और आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों से होगी।
घटना से पहले के सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध गार्ड बच्ची के साथ दिखाई दे रहा है। पुलिस फुटेज की जांच कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश कर रही है। जांचकर्ताओं के अनुसार, घटना से पहले के दो दिनों में परिसर में उसकी संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े दावों की भी पड़ताल की जा रही है।
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रेलवे स्टेशन की ओर जाने का संदेह
मोबाइल फोन की लोकेशन संबंधी जानकारी से संकेत मिला है कि घटना के बाद संदिग्ध सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन की ओर गया हो सकता है। पुलिस डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर उसकी गतिविधियों का पता लगाने में जुटी है।
बोल्लारम पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, मलकाजगिरि पुलिस ने संदिग्ध को पकड़ने के लिए 10 विशेष टीमें गठित की हैं। संदिग्ध फिलहाल फरार बताया जा रहा है। टीमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन डेटा और अन्य साक्ष्यों के साथ फॉरेंसिक जानकारी जुटा रही हैं, ताकि बच्ची की मौत की परिस्थितियों और संभावित मकसद का पता लगाया जा सके।
घटना के बाद आवासीय परिसर के निवासियों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। इस मामले ने गेटेड सोसायटियों में सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की निगरानी और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही पर सवाल खड़े किए हैं।
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