उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बहराइच और फतेहपुर जिलों में कार्रवाई करते हुए कुल 332 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइल फोन की कुल कीमत 78 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।
पुलिस ने सर्विलांस, साइबर सेल और तकनीकी संसाधनों की मदद से इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी बरामद फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए गए। मोबाइल वापस मिलने के बाद लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई।
बहराइच जिले में पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम हुए 211 मोबाइल फोन बरामद किए। इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 58 लाख 25 हजार 300 रुपये बताई गई है।
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बहराइच पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधीक्षक ने खुद मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे। पुलिस अधिकारियों ने एसओजी टीम की इस उपलब्धि की सराहना की और बेहतर कार्य के लिए टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा भी की।
वहीं, फतेहपुर जिले में पुलिस ने चोरी और गुम हुए 121 स्मार्टफोन बरामद किए हैं। इनकी कुल कीमत लगभग 20 लाख रुपये है। अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश राय ने बताया कि यह सफलता साइबर टीम, सीसीटीएनएस टीम और थाना पुलिस के बेहतर तालमेल से मिली है।
उन्होंने बताया कि पुलिस सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की लगातार निगरानी करती है। जब कोई गुम हुआ मोबाइल दोबारा इस्तेमाल किया जाता है, तो पोर्टल के माध्यम से इसकी जानकारी पुलिस को मिल जाती है और कार्रवाई कर फोन बरामद कर लिया जाता है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन खोने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराएं या गृह मंत्रालय के आधिकारिक सीईआईआर पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें।
अधिकारियों ने बताया कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से मोबाइल को ब्लॉक किया जा सकता है और उसके गलत इस्तेमाल को रोका जा सकता है। जैसे ही चोरी हुए फोन में नया सिम लगाया जाता है, उसकी जानकारी पुलिस को मिल जाती है। इससे फोन वापस मिलने की संभावना बढ़ती है और निजी डेटा के दुरुपयोग का खतरा भी कम हो जाता है।
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