अमेरिका ने समुद्र में फंसे रूसी कच्चे तेल पर लागू अपनी सैन्यक प्रतिबंध छूट को 30 दिन और बढ़ा दिया है, जिससे राहत की अवधि अब 17 जून तक होगी। अमेरिका के ट्रेज़री विभाग ने नया आदेश जारी किया, जिसमें पूर्व जनरल लाइसेंस नं. 134बी को समाप्त कर जनरल लाइसेंस नं. 134सी लागू किया गया। इस छूट का लाभ केवल उन रूसी तेल शिपमेंट्स को मिलेगा, जो 17 अप्रैल से पहले समुद्र में थीं। लाइसेंस में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इसका कोई संबंध ईरान, उत्तर कोरिया, क्यूबा या रूस द्वारा नियंत्रित यूक्रेन के क्षेत्रों में व्यक्तियों या संस्थाओं से नहीं है।
पूर्व में अमेरिका ने भारत और अन्य देशों के लिए मार्च और अप्रैल में एक महीने की छूट दी थी, ताकि समुद्र में पहले से मौजूद रूसी तेल की खरीद संभव हो सके। यह वर्तमान विस्तार दूसरी बार है जब अमेरिका ने राहत लाइसेंस को समाप्त होने के बाद तुरंत नई स्पष्टता नहीं दी।
भारत का स्पष्ट रुख
हालांकि, भारत ने स्पष्ट किया है कि उसके तेल खरीद निर्णय अमेरिकी छूट या उसकी अनुपस्थिति से प्रभावित नहीं होंगे। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने बताया कि भारत के निर्णय पूरी तरह व्यावसायिक तर्क और आपूर्ति की स्थिरता पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि भारत ने पहले, छूट के दौरान और अब भी लगातार रूस से तेल खरीदा है।
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रूसी तेल भारत के लिए महत्वपूर्ण
छूट वाला रूसी तेल 2022 से भारत के आयात में अहम भूमिका निभा रहा है। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण और पश्चिमी प्रतिबंधों के बाद भारत ने सस्ते रूसी तेल की ओर रुख किया, जिससे घरेलू कीमतों को स्थिर रखा जा सका।
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