अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के केंद्र में इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में शामिल है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक कच्चे तेल का करीब 20 प्रतिशत और बड़ी मात्रा में एलएनजी इसी मार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर दुनियाभर में तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के दक्षिणी हिस्से में एक गुप्त समुद्री मार्ग तैयार किया है। इसके जरिए तेल टैंकरों की आवाजाही को सुरक्षित बनाया जा रहा है। बताया गया है कि इस मार्ग से रोजाना करीब एक करोड़ बैरल तेल अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, यह अभियान कई सप्ताह से चल रहा है। हर रात करीब 15 से 20 टैंकर तय दक्षिणी चैनल से गुजरते हैं। अमेरिकी सेना इन जहाजों की आवाजाही का समन्वय करती है और उन्हें संभावित ईरानी हमलों से सुरक्षा भी उपलब्ध कराती है।
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इस अभियान में खाली टैंकरों को भी अरब सागर से खाड़ी के बंदरगाहों तक पहुंचाने में मदद की जाती है, ताकि वे तेल लोड करके वापस अंतरराष्ट्रीय बाजारों की ओर जा सकें।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि हालिया सैन्य अभियान के दौरान ईरान की रडार और समुद्री निगरानी क्षमताओं को नुकसान पहुंचा, जिससे दक्षिणी मार्ग पर उसकी निगरानी कमजोर हुई है। हालांकि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की छोटी नौकाएं और कुछ सक्रिय रडार अभी भी निगरानी कर रहे हैं।
अमेरिका का कहना है कि ईरान ने संभावित जहाज मार्गों की ओर ड्रोन और क्रूज मिसाइलें दागी हैं, लेकिन अमेरिकी सेना ने कई हमलों को नाकाम किया है।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, कुछ रातों में खाड़ी से बाहर जाने वाला तेल 1.5 करोड़ से 2 करोड़ बैरल प्रतिदिन तक पहुंचा है। हालांकि यह मात्रा संघर्ष से पहले के स्तर से कम है, फिर भी इससे वैश्विक तेल आपूर्ति को कुछ राहत मिल रही है।
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