केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कर्नाटक स्थित प्रसिद्ध कोल्लूर मूकांबिका मंदिर की अपनी हालिया यात्रा को लेकर उठे राजनीतिक विवाद पर बुधवार को स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि मंदिर जाना उनकी व्यक्तिगत आस्था का विषय है और इसे "सॉफ्ट हिंदुत्व" की राजनीति से जोड़ना पूरी तरह निराधार है।
तिरुवनंतपुरम में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने कहा कि धार्मिक विश्वास प्रत्येक नागरिक का निजी अधिकार है, जिसकी रक्षा भारतीय संविधान करता है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति की पूजा-पद्धति या धार्मिक आस्था के आधार पर उसकी राजनीतिक विचारधारा तय नहीं की जा सकती।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वह पिछले 37 वर्षों से नियमित रूप से कोल्लूर मूकांबिका मंदिर में दर्शन करने जाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह परंपरा उनके सार्वजनिक जीवन में आने से पहले की है और इसका किसी भी राजनीतिक एजेंडे या विचारधारा से कोई संबंध नहीं है।
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वी.डी. सतीशन ने कहा कि किसी मंदिर में जाना या धार्मिक स्थल पर दर्शन करना किसी राजनीतिक संदेश का प्रतीक नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक नागरिक को अपनी धार्मिक मान्यताओं का पालन करने की स्वतंत्रता प्राप्त है और इस अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राजनीतिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत आस्था को विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि उनका मंदिर जाना पूरी तरह निजी निर्णय है और इसे किसी राजनीतिक रंग में रंगने का प्रयास उचित नहीं है।
हाल के दिनों में उनकी मूकांबिका मंदिर यात्रा को लेकर कुछ राजनीतिक हलकों में "सॉफ्ट हिंदुत्व" अपनाने के आरोप लगाए गए थे। हालांकि मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उनकी आस्था निजी है और इसका उनकी सरकार की नीतियों या राजनीतिक प्रतिबद्धताओं से कोई संबंध नहीं है।
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