कर्नाटक के बहुचर्चित हत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए बेंगलुरु की एक अदालत ने कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी समेत 15 अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला भाजपा नेता योगेशगौड़ा गौदार की 2016 में हुई हत्या से जुड़ा है।
विशेष अदालत के न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने दो दिन पहले ही सभी आरोपियों को हत्या और आपराधिक साजिश समेत कई धाराओं में दोषी ठहराया था। सजा सुनाते समय केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कुलकर्णी के लिए बिना रियायत के उम्रकैद की मांग की थी, जबकि बचाव पक्ष ने उनकी सार्वजनिक सेवा और पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए नरमी की अपील की।
यह मामला 15 जून 2016 का है, जब धारवाड़ जिले के जिला पंचायत सदस्य योगेशगौड़ा गौदार की सप्तापुर इलाके में उनके जिम के अंदर हत्या कर दी गई थी। उस समय विनय कुलकर्णी कर्नाटक सरकार में मंत्री थे। इस घटना ने पूरे राज्य में सनसनी फैला दी थी।
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बाद में पीड़ित परिवार और राजनीतिक दबाव के चलते 2019 में मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई। जांच एजेंसी ने 2020 में दाखिल अपनी चार्जशीट में कुलकर्णी को मुख्य साजिशकर्ता बताया और कहा कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते उन्होंने सुपारी देकर हत्या करवाई।
कुलकर्णी की गिरफ्तारी 2020 में हुई थी और उन्होंने जमानत के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। हालांकि, गवाहों को प्रभावित करने के आरोप में उनकी जमानत एक बार रद्द भी की गई थी।
इस फैसले के बाद अब उनकी विधानसभा सदस्यता पर भी खतरा मंडरा रहा है।
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