आस्था के सामने उम्र भी छोटी पड़ जाती है। इसका अनोखा उदाहरण आंध्र प्रदेश के प्रसिद्ध तिरुमला श्री वेंकटेश्वर मंदिर में देखने को मिला, जहां 116 वर्ष की बताई जा रही नवनीतम्मा ने 11 किलोमीटर लंबे अलीपिरी पैदल मार्ग पर स्थित 3,550 सीढ़ियां चढ़कर भगवान श्री वेंकटेश्वर स्वामी के दर्शन किए।
मूल रूप से चेन्नई की रहने वाली नवनीतम्मा पिछले कुछ वर्षों से अपने रिश्तेदारों के साथ तिरुपति में रह रही हैं। उन्होंने पारंपरिक तरीके से पैदल तिरुमला जाने का संकल्प लिया। उनके साथ उनके पोते भी पूरी यात्रा में मौजूद रहे। उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने बिना हिम्मत हारे पूरी 11 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई पूरी की और देर शाम मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए।
रास्ते में मौजूद श्रद्धालुओं ने उनके संघर्ष और आस्था को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया।
और पढ़ें: ओमान तट के पास होर्मुज़ जलडमरूमध्य में टैंकर पर प्रोजेक्टाइल हमला, आग लगी; ईरान से बढ़े तनाव के बीच समुद्री सुरक्षा पर चिंता
नवनीतम्मा की इस अद्भुत भक्ति से प्रभावित होकर तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने उन्हें विशेष वीआईपी ब्रेक दर्शन की व्यवस्था उपलब्ध कराई। सोमवार सुबह उन्हें महाद्वारम से मंदिर में प्रवेश कराया गया, जहां से आमतौर पर विशिष्ट अतिथि प्रवेश करते हैं। मंदिर के कार्यकारी अधिकारी मुद्दाडा रविचंद्र ने उन्हें रेशमी वस्त्र और श्री वेंकटेश्वर मंदिर का पवित्र प्रसाद भेंट किया।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि सच्ची भक्ति के सामने उम्र केवल एक संख्या है। उन्होंने नवनीतम्मा के परिवार की भी सराहना की, जिसने उनकी जीवनभर की आस्था को पूरा करने में सहयोग दिया।
हालांकि परिजनों का दावा है कि नवनीतम्मा का जन्म वर्ष 1910 में हुआ था, लेकिन उनकी वास्तविक उम्र की पुष्टि करने वाला कोई आधिकारिक दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। फिर भी उनकी यह आध्यात्मिक यात्रा श्रद्धा, संकल्प और विश्वास की मिसाल बन गई है।
और पढ़ें: इंडोनेशिया दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भव्य स्वागत, राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ द्विपक्षीय वार्ता