समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को आध्यात्मिक गुरु अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया। यह मुलाकात लखनऊ में हुई, जहां सपा प्रमुख ने शंकराचार्य से मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि उनका आशीर्वाद मिलने से समाज में फैल रहे “फर्जी संतों” की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।
मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि वह श्रद्धेय शंकराचार्य से मिलने और उनका आशीर्वाद लेने आए थे। उन्होंने कहा कि समाज में आध्यात्मिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए संतों और धर्मगुरुओं का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण होता है।
जब उनसे पूछा कि क्या उन्हें उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के लिए भी कोई विशेष आशीर्वाद मिला है, तो अखिलेश यादव ने मुस्कराते हुए जवाब दिया कि वे राजनीति से जुड़े व्यक्ति हैं, लेकिन इस मुलाकात का उद्देश्य केवल आशीर्वाद प्राप्त करना था।
और पढ़ें: अखिलेश यादव ने खामेनेई पर हमला और इज़राइली-अमेरिकी स्कूल स्ट्राइक की निंदा की
उन्होंने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया का प्रभाव बहुत अधिक हो गया है और हर व्यक्ति को अपनी राय रखने तथा राजनीतिक टिप्पणियां करने की आजादी है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि वह यहां किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि श्रद्धा और सम्मान के साथ शंकराचार्य से मिलने आए थे।
अखिलेश यादव की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब देश में धर्म और राजनीति को लेकर चर्चाएं तेज हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धार्मिक नेताओं से मुलाकातें अक्सर सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर संवाद का माध्यम बनती हैं।
सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि समाज में सच्चे संतों का सम्मान होना चाहिए और जो लोग धर्म के नाम पर गलत कार्य करते हैं, उनके खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। उन्होंने विश्वास जताया कि संतों का मार्गदर्शन समाज को सही दिशा देने में मदद करेगा।
और पढ़ें: समाजवादी पार्टी ने महिला राज्यपाल का अपमान किया...: योगी आदित्यनाथ का विपक्ष पर हमला