उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अयोध्या को लेकर अपनी पार्टी का विजन सामने रखा है। राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर जारी विवाद के बीच उन्होंने कहा कि यदि वर्ष 2027 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो अयोध्या को एक आदर्श धार्मिक नगरी के रूप में विकसित किया जाएगा और उसकी आध्यात्मिक पहचान को 'सियाराम धाम' के रूप में पुनर्स्थापित किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी धर्म, आस्था और ईमानदारी के साथ अयोध्या का विकास करेगी, ताकि देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालु यहां सच्ची आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की कृपा से अयोध्या की सनातन आध्यात्मिक गरिमा को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही अयोध्या के स्थानीय लोगों के सम्मान, अधिकारों और पारंपरिक गौरव की भी रक्षा की जाएगी।
अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय आया है, जब राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच विशेष जांच दल (एसआईटी) कर रहा है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच के सीसीटीवी फुटेज की जांच में चढ़ावा गणना केंद्र के भीतर कथित रूप से लगभग 70 बार चोरी के प्रयास सामने आए हैं। जांच में रिकॉर्ड रखने की व्यवस्था और निगरानी प्रणाली में भी कई कमियां पाई गई हैं।
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जांच एजेंसियों के अनुसार, मनीष कुमार यादव नामक व्यक्ति कई बार कथित रूप से नकदी चोरी करने की कोशिश करता हुआ दिखाई दिया। इस मामले में अब तक रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआईटी का दावा है कि आरोपी सीसीटीवी कैमरों के ब्लाइंड स्पॉट की जानकारी रखते थे और उसी का फायदा उठाकर चोरी की वारदात को अंजाम देते थे।
वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या सनातन धर्म की आस्था का केंद्र है और एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने विपक्ष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप भी लगाया।
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