पय्यावुला केशव ने शनिवार को बजट भाषण के दौरान कहा कि अमरावती क्वांटम वैली का शुभारंभ राज्य को डीप-टेक इनोवेशन के अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करेगा। उन्होंने 2026-27 के लिए नगर प्रशासन एवं शहरी विकास विभाग को ₹14,539 करोड़ आवंटित करने का प्रस्ताव रखा और राजधानी अमरावती के विकास की प्रगति का विस्तृत उल्लेख किया।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार अमरावती को विश्वस्तरीय राजधानी बनाने के लिए बड़े स्तर पर बुनियादी ढांचा, तकनीक और निवेश को बढ़ावा दे रही है। इस परियोजना का उद्देश्य उभरती तकनीकों जैसे क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत अनुसंधान के लिए मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।
उन्होंने नरेंद्र मोदी का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने “पीपुल्स कैपिटल” अमरावती के विकास में अहम सहयोग दिया है। साथ ही अमरावती को आंध्र प्रदेश की स्थायी राजधानी का वैधानिक दर्जा देने के लिए कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू करने के लिए भी प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया गया।
और पढ़ें: इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट में यूएई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे अबू धाबी के क्राउन प्रिंस
सरकार का मानना है कि अमरावती क्वांटम वैली राज्य में निवेश, रोजगार और स्टार्टअप संस्कृति को नई दिशा देगी। इससे युवाओं को अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में अवसर मिलेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि अमरावती परियोजना सिर्फ प्रशासनिक राजधानी नहीं बल्कि नवाचार और विकास का केंद्र बनेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार शहर को स्मार्ट, टिकाऊ और वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने भरोसा जताया कि इस पहल से राज्य में औद्योगिक और तकनीकी विकास को गति मिलेगी और अमरावती देश के प्रमुख टेक हब के रूप में उभरेगा।
और पढ़ें: मध्य प्रदेश में देर रात 11 IAS अधिकारियों का तबादला, कांग्रेस ने उठाए सवाल