एशियाई शेयर बाजारों में बुधवार को कारोबार की शुरुआत सतर्क रुख के साथ हुई। वैश्विक बॉन्ड यील्ड और कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बीच निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मौद्रिक नीति संबंधी फैसले का इंतजार कर रहे हैं। फेड का फैसला बुधवार देर रात आने वाला है।
जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों का एमएससीआई सूचकांक शुरुआती कारोबार में बढ़त और गिरावट के बीच झूलता रहा। लगातार चार कारोबारी सत्रों में गिरने के बाद सूचकांक करीब 0.2 प्रतिशत ऊपर था। दक्षिण कोरियाई शेयरों में 0.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, एसएंडपी 500 ई-मिनी वायदा करीब 0.1 प्रतिशत ऊपर रहा।
अमेरिकी बाजार में एसएंडपी 500 मंगलवार को 0.5 प्रतिशत गिरा और लगातार दूसरे सत्र में नुकसान में बंद हुआ। अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 2007 के बाद के उच्चतम स्तर तक पहुंच गई। एशियाई कारोबार में यह 0.8 आधार अंक घटकर 4.9875 प्रतिशत रही। मंगलवार को यह पहली बार तीन वर्षों में 5 प्रतिशत के स्तर को पार कर गई थी।
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बाजार में फेड द्वारा ब्याज दर में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की संभावना को लेकर दांव बढ़ा है। फेडवॉच के अनुसार, ऐसी बढ़ोतरी की अनुमानित संभावना 92.4 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो एक सप्ताह पहले 59.4 प्रतिशत थी।
इस बीच, अमेरिकी डॉलर सूचकांक 99.656 के आसपास रहा, जो करीब दो सप्ताह के उच्च स्तर के निकट है। तेल बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.6 प्रतिशत गिरकर 108.08 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। मंगलवार को इसमें 2.9 प्रतिशत की तेजी आई थी।
डिजिटल परिसंपत्तियों में भी कमजोरी जारी रही। अमेरिकी सीनेट द्वारा व्यापक क्रिप्टोकरेंसी कानून को आगे बढ़ाने से इनकार के बाद बिटकॉइन 0.1 प्रतिशत गिरकर 75,816.24 डॉलर और ईथर 0.2 प्रतिशत घटकर 2,403.27 डॉलर पर आ गया।
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