अमेरिकी रोजगार आंकड़ों के इंतजार में शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में सतर्कता देखने को मिली। निवेशकों की नजर अमेरिका के रोजगार आंकड़ों पर है, जो अगले महीने फेडरल रिजर्व की ब्याज दर संबंधी नीति को प्रभावित कर सकते हैं। इस बीच, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रही।
जापान को छोड़कर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के शेयरों का एमएससीआई सूचकांक लगभग स्थिर रहा और सप्ताह के दौरान 0.4 प्रतिशत नीचे रहा। जापान का निक्केई 0.9 प्रतिशत गिरा, हालांकि पूरे सप्ताह इसमें 1.2 प्रतिशत की बढ़त की संभावना बनी रही। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.5 प्रतिशत गिरा और सप्ताह में करीब 5 प्रतिशत नीचे रहा। यह लगातार सातवां सप्ताह है जब सूचकांक में गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों का मुख्य ध्यान अब अमेरिकी पेरोल रिपोर्ट पर है। जुलाई में करीब 80 हजार नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान है, जबकि जून में 57 हजार नौकरियां बढ़ी थीं। बेरोजगारी दर 4.2 प्रतिशत पर स्थिर रहने का अनुमान है।
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विशेषज्ञों के मुताबिक मजबूत रोजगार आंकड़े ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की उम्मीद बढ़ा सकते हैं, जिससे शेयर बाजार पर दबाव पड़ सकता है। वहीं कमजोर आंकड़ों से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट और नरम मौद्रिक नीति की उम्मीद बढ़ सकती है।
उधर, मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से तेल बाजार में तेजी आई। यमन के हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब पर हमले के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ गया है। ब्रेंट क्रूड करीब एक प्रतिशत बढ़कर 83.38 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। इससे पहले इसमें एक दिन में 3.8 प्रतिशत की तेजी आई थी।
ईरान में एक प्रस्तावित विधेयक पर भी विचार चल रहा है, जिसके तहत अमेरिकी, इजरायली और अन्य “शत्रुतापूर्ण” जहाजों के लिए हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने पर प्रतिबंध लगाया जा सकता है।
तेल की बढ़ती कीमतों के बीच अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी तेजी रही। एशियाई कारोबार में दो वर्षीय बॉन्ड यील्ड 4.2496 प्रतिशत और दस वर्षीय यील्ड 4.6757 प्रतिशत पर रही।
इस बीच, डॉलर येन के मुकाबले 158.51 पर कारोबार करता रहा। सोने की हाजिर कीमत 0.1 प्रतिशत बढ़कर 4,243 डॉलर प्रति औंस रही, जबकि चांदी 0.5 प्रतिशत बढ़कर 61.78 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई।
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