असम सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2,85,084 करोड़ रुपये का बजट पेश करते हुए पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पर वैट (मूल्य वर्धित कर) को 14.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा है। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देना, घरेलू ऊर्जा लागत कम करना और सिटी गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार को प्रोत्साहित करना है।
असम के वित्त मंत्री जयंत मल्ला बरुआ ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में शुरू की गई सभी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं को आगे भी जारी रखा जाएगा।
वित्त मंत्री के अनुसार, वर्ष 2026-27 में राज्य की समेकित निधि के तहत कुल प्राप्तियां 1,51,843.23 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सार्वजनिक खाते से 1,34,466.22 करोड़ रुपये और आकस्मिक निधि से 2,000 करोड़ रुपये जोड़ने पर कुल प्राप्तियां 2,88,309.45 करोड़ रुपये होंगी।
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वहीं, समेकित निधि से कुल व्यय 1,56,714.88 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सार्वजनिक खाते और आकस्मिक निधि के खर्च को मिलाकर कुल व्यय 2,85,084.45 करोड़ रुपये आंका गया है। सरकार ने वित्त वर्ष के अंत तक 419.26 करोड़ रुपये के बजटीय घाटे का अनुमान लगाया है, जबकि राजकोषीय घाटा राज्य के अनुमानित सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का 3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य तय किया गया है।
छोटे चाय उत्पादकों को राहत देने के लिए कृषि आयकर छूट की सीमा 2.5 लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्रस्ताव भी बजट में शामिल किया गया है।
इस बीच, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य के बजट का आकार पिछले वर्षों की तुलना में तीन गुना बढ़ गया है और आर्थिक संकेतक सकारात्मक हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015-16 में प्रति व्यक्ति आय 60,817 रुपये थी, जो बढ़कर वर्ष 2025-26 में 1,85,429 रुपये हो गई है। वहीं, राज्य का स्वयं का कर राजस्व बढ़कर 39,294 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
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