नेपाल की राजनीति में बालेंद्र शाह, जिन्हें लोकप्रिय रूप से बालेन शाह कहा जाता है, तेजी से उभरते हुए नेता बन गए हैं। 35 वर्षीय बालेन शाह ने अपने अनोखे सफर से पारंपरिक राजनीति को चुनौती दी है। वे पहले एक रैपर, फिर सिविल इंजीनियर, और बाद में काठमांडू के मेयर बने। अब वे राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा नाम बनकर सामने आ रहे हैं।
बालेन शाह ने शुरुआत में नेपाल के हिप-हॉप संगीत जगत में पहचान बनाई। वे मशहूर “रॉ बार्ज़ (Raw Barz)” जैसे रैप बैटल में अपने तेज और तीखे गीतों के जरिए भ्रष्टाचार और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाते थे। उनके गानों ने खासकर जेनरेशन-ज़ेड युवाओं के बीच बड़ी लोकप्रियता हासिल की।
संगीत के साथ-साथ बालेन शाह ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की और देश में कई विकास परियोजनाओं पर काम किया। बाद में उन्होंने काठमांडू विश्वविद्यालय में पीएचडी भी शुरू की। उनकी यही बहुआयामी पहचान उन्हें पारंपरिक राजनेताओं से अलग बनाती है।
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साल 2022 में उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए काठमांडू के मेयर का चुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जीत लिया। उन्हें 61,767 वोट मिले और उन्होंने नेपाली कांग्रेस तथा सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवारों को हराया। मेयर बनने के बाद उन्होंने अवैध अतिक्रमण हटाने, नगर सेवाओं के डिजिटलीकरण और कचरा प्रबंधन में सुधार जैसे कई कड़े कदम उठाए।
हालांकि उनके कुछ फैसलों को लेकर विवाद भी हुए, लेकिन शहरी युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती रही। जनवरी 2026 में उन्होंने मेयर पद से इस्तीफा देकर राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (Rastriya Swatantra Party) में शामिल होकर वरिष्ठ नेता की भूमिका संभाली।
अब वे झापा-5 सीट से पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि बालेन शाह की लोकप्रियता नेपाल की राजनीति में नई पीढ़ी के बदलाव का संकेत दे रही है।
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