बांग्लादेश के आम चुनाव 2026 की मतगणना जारी रहने के बीच बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने निर्णायक जीत का दावा किया है और पार्टी नेता तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ होता दिख रहा है। ये चुनाव अंतरिम सरकार की जगह नई सरकार चुनने के लिए कराए गए थे।
बीएनपी ने दो-तिहाई बहुमत हासिल करने का दावा किया है, हालांकि आधिकारिक परिणाम अभी आना बाकी हैं। बीएनपी और उसके सहयोगियों ने 155 सीटें जीती हैं, जबकि जमात-ए-इस्लामी और उसके सहयोगियों को 41 सीटें मिली हैं। इस्लामी आंदोलन बांग्लादेश को एक सीट और अन्य दलों को पांच सीटें मिली हैं।
यह चुनाव शेख़ हसीना सरकार के पतन के बाद पहली बार कराया गया। मतदान के दौरान छिटपुट हिंसा और अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए। मतदाताओं ने “जुलाई चार्टर” पर भी वोट दिया, जो पारित होने पर नई सरकार को संविधान और लोकतांत्रिक ढांचे में बड़े बदलाव करने का अधिकार देगा। मुख्य मुकाबला बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी गठबंधन के बीच रहा।
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देश में लगभग 12.7 करोड़ मतदाता पात्र थे, जिनमें आधे 18-37 वर्ष के युवा थे और 45.7 लाख पहली बार वोट देने वाले शामिल थे। 299 सीटों पर 50 से अधिक दलों के करीब 1,800 उम्मीदवार मैदान में थे। प्रतिबंधित अवामी लीग चुनाव से बाहर रही। चुनाव में भ्रष्टाचार, महंगाई, रोजगार और आर्थिक विकास प्रमुख मुद्दे रहे।
चुनाव से पहले हिंसा की घटनाएं भी सामने आईं, लेकिन अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस ने इसे “नए बांग्लादेश का जन्मदिन” बताया। उन्होंने खालिदा जिया के दौर की राजनीति से अलग नई शुरुआत की बात कही। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी 45 देशों के पर्यवेक्षकों ने की, जिनका नेतृत्व मुख्य चुनाव आयुक्त AMM Nasir Uddin कर रहे थे।
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