बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान आज से भारत दौरे पर हैं। उनका यह दो दिन का दौरा (7 से 9 अप्रैल) नई दिल्ली में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल से महत्वपूर्ण बैठकें करने के लिए निर्धारित है। इस कदम को बांग्लादेश की बीएनपी सरकार द्वारा भारत के साथ रिश्तों को नया रूप देने की दिशा में पहला प्रयास माना जा रहा है।
ढाका ने इस दौरे को “सद्भावना यात्रा” बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और सहयोग को बढ़ावा देना है। खलीलुर रहमान की यात्रा के दौरान वे एस जयशंकर, अजीत डोवाल और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी से बैठक करेंगे।
यह दौरा बीएनपी-नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद बांग्लादेशी मंत्री का भारत का पहला दौरा है। अधिकारियों के अनुसार, यह यात्रा राजनीतिक माहौल में बदलाव के बीच हो रही है और ढाका का लक्ष्य भारत के साथ पहले तनावपूर्ण संबंधों को सुधार कर सकारात्मक और पारस्परिक लाभकारी संबंध स्थापित करना है।
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मुख्य चर्चा के मुद्दों में वीजा सेवाओं की बहाली, सीमा प्रबंधन, ऊर्जा सहयोग, विद्युत व्यापार और ईंधन आपूर्ति, सामूहिक नदियों के जल वितरण और गंगा जल संधि का नवीनीकरण शामिल हैं। इसके अलावा व्यापार सुविधाओं में सुधार, गैर-शुल्क बाधाओं में कमी और लॉजिस्टिक कनेक्टिविटी पर भी चर्चा होने की संभावना है।
भारत दौरे के बाद, खलीलुर रहमान 10 से 12 अप्रैल तक पोर्ट लुईस में आयोजित इंडियन ओशन कॉन्फ्रेंस में भाग लेंगे। उनके साथ इस दौरे में प्रधानमंत्री तारिक रहमान के विदेश मामलों के सलाहकार हुमायूं कबीर भी रहेंगे।
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