मुंबई के निकट महाराष्ट्र के भिवंडी शहर में गुरुवार देर रात एक चार मंजिला रिहायशी इमारत ढह जाने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है। हादसे के बाद मौके पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), ठाणे आपदा प्रतिक्रिया बल (टीडीआरएफ) और दमकल विभाग की टीमें राहत एवं बचाव कार्य में जुट गई हैं।
यह हादसा भिवंडी के बालाजी नगर गंगारामवाड़ी इलाके में स्थित कोहिनूर अपार्टमेंट में हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे उसमें मौजूद कई लोग मलबे के नीचे दब गए। अब तक दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है, जबकि अन्य लोगों की तलाश लगातार जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, मलबे के नीचे अभी भी लगभग 11 लोगों के फंसे होने की आशंका है। इनमें छह मजदूर और पांच स्थानीय निवासी शामिल बताए जा रहे हैं। बचाव दल भारी मशीनों और विशेष उपकरणों की मदद से मलबा हटाने का कार्य कर रहे हैं ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित निकाला जा सके।
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नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार कोहिनूर अपार्टमेंट को पहले ही जर्जर और खतरनाक इमारत घोषित किया जा चुका था। इसके बावजूद इमारत में लोग रह रहे थे। इस घटना ने शहर में जर्जर इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
भिवंडी निजामपुर सिटी नगर निगम के महापौर नारायण चौधरी ने कहा कि शहर में कई ऐसी इमारतें हैं जिन्हें पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि जो परिवार ऐसी इमारतों में रह रहे हैं, वे अपनी सुरक्षा के लिए तुरंत उन्हें खाली कर दें।
प्रशासन ने पूरे क्षेत्र को घेरकर राहत अभियान तेज कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि बचाव कार्य पूरा होने के बाद ही हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। फिलहाल प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।
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