पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में हुए भीषण और समन्वित आतंकी हमलों की जिम्मेदारी लेने वाले बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने सोमवार को दो महिला आत्मघाती हमलावरों की तस्वीरें जारी की हैं। संगठन के अनुसार, इन हमलों में शामिल एक महिला की पहचान 24 वर्षीय आसिफा मेंगल के रूप में की गई है। इन हमलों में अब तक करीब 50 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें कम से कम 17 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं।
हमलों के जवाब में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर जवाबी अभियान शुरू किया। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने रविवार को बताया कि पिछले 40 घंटों में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियानों में 145 आतंकवादियों को मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है, जब इतने कम समय में इतने आतंकवादी ढेर किए गए हों।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी पुष्टि की कि दो हमलों में महिला हमलावर शामिल थीं। बीएलए के बयान के अनुसार, आसिफा मेंगल बलूचिस्तान के नुश्की जिले की रहने वाली थी और मोहम्मद इस्माइल की बेटी थी। उसका जन्म 2 अक्टूबर 2002 को हुआ था। 21 वर्ष की आयु में उसने बीएलए की मजीद ब्रिगेड जॉइन की और जनवरी 2024 में आत्मघाती हमलावर बनने का फैसला किया। संगठन का दावा है कि उसने नुश्की में आईएसआई मुख्यालय को निशाना बनाया।
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आसिफा मेंगल के अलावा, हवा बलूच नाम की एक अन्य महिला भी उग्रवादी ग्रुप में एक प्रभावशाली चेहरा बनकर उभरी है। वह भी मजीद ब्रिगेड की सदस्य थी और ‘ऑपरेशन हेरोफ’ के दौरान ग्वादर मोर्चे पर सक्रिय रही। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, वह पहले एक लेखिका और बौद्धिक थीं, और उनके पिता भी बलूच सशस्त्र संघर्ष में मारे गए थे।
बीएलए ने अपने अभियान के दूसरे चरण ‘हेरोफ’ (ब्लैक स्टॉर्म) की शुरुआत की घोषणा की है, जबकि पाकिस्तानी सेना ने दावा किया है कि उसने किसी भी शहर या रणनीतिक ठिकाने पर आतंकियों के कब्जे की कोशिशों को नाकाम कर दिया है।
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