केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने बुधवार को डार्विन लैब्स के सह-संस्थापक आयुष वर्षने को गिरफ्तार किया। वर्षने इस ₹20,000 करोड़ के गेन बिटकॉइन घोटाले का मुख्य आरोपी है।
सीबीआई ने वर्षने के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया था। सोमवार को उनके देश से भागने के प्रयास के दौरान हवाई अड्डे पर अलर्ट जारी हुआ और उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर रोका गया। मंगलवार को उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया।
सीबीआई के अनुसार, डार्विन लैब्स ने वह डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर डिज़ाइन और विकसित किया था, जो कथित रूप से धोखाधड़ी करने वाले गेन बिटकॉइन उद्यम का संचालन आधार था। वर्षने के साथ ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी जांच जारी है, जो निवेशकों को भारी नुकसान पहुंचाने वाले इस घोटाले में शामिल थे।
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जांच एजेंसी का कहना है कि वर्षने ने गेन बिटकॉइन प्लेटफॉर्म के लिए तकनीकी और ऑपरेशनल ढांचे की जिम्मेदारी संभाली थी, जिससे यह कथित धोखाधड़ी संभव हुई। सीबीआई अब इस मामले में और गहन पूछताछ करेगी और अन्य सहयोगियों की पहचान करेगी।
घोटाले की राशि और निवेशकों की संख्या के कारण यह मामला देश के वित्तीय धोखाधड़ी मामलों में सबसे बड़े मामलों में से एक माना जा रहा है।
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