झारखंड के जल संसाधन विभाग के मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने शनिवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य में जल जीवन मिशन के तहत चल रही जल आपूर्ति योजनाओं को पूरा करने के लिए अपनी हिस्सेदारी की धनराशि जारी करने में देरी कर रही है।
मंत्री ने विधानसभा में अपने विभाग के लिए अनुदान की मांग का बचाव करते हुए कहा कि यह धनराशि राज्य के हर घर तक पानी पहुंचाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने विपक्षी नेता बाबूलाल मरांडी के उस आलोचना का जवाब दिया, जिसमें केंद्र की योजना के कार्यान्वयन की धीमी गति पर सवाल उठाया गया था।
योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना में केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी 50:50 है। उन्होंने कहा कि केंद्र की देरी के कारण योजनाओं को समय पर पूरा करना मुश्किल हो रहा है। मंत्री ने यह भी जोर दिया कि राज्य सरकार हर घर तक शुद्ध और पर्याप्त जल पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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उन्होंने कहा कि उनके विभाग ने योजना के तहत विभिन्न जल आपूर्ति परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन में तेजी लाई है, लेकिन केंद्र की हिस्सेदारी की राशि के विलंब से कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मंत्री ने सभी विधायकों से अपील की कि वे जल जीवन मिशन की सफलता और हर घर में पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र से धनराशि जल्द जारी करने का दबाव बनाएं।
झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत प्रत्येक घर तक पानी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना की सफलता राज्य और केंद्र सरकार दोनों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर है।
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