चंडीगढ़ नगर निगम के मेयर चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, शहर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों के लिए राजनीतिक दलों के बीच दावेदारी बढ़ती जा रही है, हालांकि अभी तक किसी भी पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नामों को अंतिम रूप नहीं दिया है। नामांकन प्रक्रिया 22 जनवरी को होगी, जबकि मेयर चुनाव 29 जनवरी को निर्धारित है।
चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के संभावित गठबंधन को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन हाल के दिनों में दोनों दलों के नेताओं के बीच तीखे बयानों और आरोप-प्रत्यारोप के बाद इन चर्चाओं की धार कमजोर पड़ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा हालात में आप और कांग्रेस के बीच तालमेल की संभावना कम होती दिख रही है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों ही दल फिलहाल मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन कर रहे हैं। भाजपा के भीतर मौजूदा चार पार्षद—महेश इंदर सिद्धू, कंवरजीत राणा, सौरभ जोशी और दलीप शर्मा—को मेयर पद के संभावित दावेदारों के रूप में देखा जा रहा है।
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पार्टी सूत्रों के अनुसार, भाजपा ने अभी तक किसी एक नाम पर अंतिम फैसला नहीं लिया है। उम्मीदवार चयन में वरिष्ठता, संगठनात्मक कामकाज, शहर के विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधित्व में संतुलन और पार्टी के भीतर स्वीकार्यता जैसे कारकों को ध्यान में रखा जाएगा। भाजपा की कोशिश मेयर पद पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की है, इसलिए पार्टी नेतृत्व नामांकन की तारीख के करीब आंतरिक विचार-विमर्श के बाद अपने उम्मीदवार की घोषणा कर सकता है।
कुल मिलाकर, चंडीगढ़ के मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो चुकी हैं और आने वाले दिनों में उम्मीदवारों के नाम सामने आने के साथ ही चुनावी मुकाबला और रोचक होने की संभावना है।
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