चीन ने ईरान से आग्रह किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द से जल्द फिर से खोल दे, क्योंकि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार पर गंभीर असर पड़ रहा है। बीजिंग ने कहा कि समुद्री यातायात की सामान्य स्थिति बहाल करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की तत्काल आवश्यकता है।
बीजिंग में हुई बातचीत के दौरान चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से कहा कि दुनिया इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में जल्द स्थिरता चाहती है। वांग यी ने ईरान की इस नीति की सराहना भी की कि वह परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ईरान पर दबाव बना रहा है कि वह अपने समृद्ध यूरेनियम भंडार को छोड़ दे और परमाणु हथियार विकास पर 20 साल का प्रतिबंध लगाए। चीन ने कहा कि वह ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा उपयोग के अधिकार का सम्मान करता है।
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अब्बास अराघची, जो फरवरी के अंत में शुरू हुए अमेरिका-ईरान युद्ध के बाद पहली बार चीन पहुंचे हैं, ने वांग यी को वाशिंगटन के साथ चल रही वार्ता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना ईरान की प्राथमिकता है और तेहरान अपनी संप्रभुता की रक्षा करते हुए कूटनीतिक समाधान चाहता है।
चीन ने पश्चिम एशिया में नए संघर्ष की आशंका को लेकर भी चेतावनी दी और कहा कि क्षेत्रीय देशों को मिलकर शांति और विकास का रास्ता तय करना चाहिए। साथ ही, खाड़ी देशों के बीच संवाद बढ़ाने पर जोर दिया गया।
इस बीच, ईरान और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों के बीच फोन पर बातचीत हुई, जिसमें क्षेत्रीय तनाव को कम करने और कूटनीतिक सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
अमेरिका ने हाल ही में घोषणा की थी कि उसका ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान समाप्त हो गया है। हालांकि, अमेरिका और चीन दोनों चाहते हैं कि तनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की आगामी चीन यात्रा से पहले कम हो जाए।
चीन, जो ईरान का प्रमुख तेल खरीदार है, इस संकट से अपनी ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंतित है और लगातार स्थिति को शांत करने की कोशिश कर रहा है।
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