चीन की जनसंख्या में गिरावट का सिलसिला लगातार चौथे वर्ष भी जारी रहा। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में चीन की कुल आबादी 33.9 लाख घटकर 1.405 अरब रह गई, जो 2024 की तुलना में तेज गिरावट को दर्शाता है। यह जानकारी चीन के राष्ट्रीय सांख्यिकी ब्यूरो ने सोमवार (19 जनवरी 2026) को जारी की।
आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में चीन में कुल जन्मों की संख्या घटकर 79.2 लाख रह गई, जो पिछले कई दशकों में सबसे कम है। इसके मुकाबले 2024 में यह संख्या 95.4 लाख थी। वहीं, मौतों की संख्या बढ़कर 1.131 करोड़ हो गई, जो 2024 में 1.093 करोड़ थी। जन्मदर में भारी गिरावट और मौतों में वृद्धि ने देश की जनसंख्या संरचना को गंभीर चुनौती में डाल दिया है।
चीन की आबादी वर्ष 2022 से लगातार घट रही है और देश तेजी से बुजुर्ग समाज की ओर बढ़ रहा है। इससे बीजिंग सरकार की घरेलू खपत बढ़ाने और कर्ज पर नियंत्रण रखने की योजनाएं जटिल हो गई हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले वर्षों में करोड़ों लोग कार्यबल से बाहर होंगे, ऐसे समय में जब पेंशन बजट पहले से ही दबाव में है।
और पढ़ें: दिल्ली मेट्रो विस्तार को बड़ी रफ्तार, फेज-4 के तीन कॉरिडोर के लिए 3,386 करोड़ रुपये मंजूर
जनसांख्यिकीय संकट का एक और संकेत शादियों की संख्या में तेज गिरावट है। 2024 में चीन में शादियां एक-पांचवें हिस्से तक घट गईं, जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। 2024 में केवल 61 लाख जोड़ों ने शादी का पंजीकरण कराया, जबकि 2023 में यह संख्या 76.8 लाख थी। चीन में शादियों को आमतौर पर जन्मदर का अग्रिम संकेतक माना जाता है।
हालांकि, जनसांख्यिकी विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्ष में जन्मों की संख्या में हल्की और अस्थायी बढ़ोतरी हो सकती है। इसका कारण यह है कि मई 2025 से चीन ने जोड़ों को देश में कहीं भी शादी करने की अनुमति दे दी है, जिससे विवाह प्रक्रिया आसान हो गई है। फिर भी, दीर्घकाल में जनसंख्या गिरावट चीन के लिए एक बड़ी नीति चुनौती बनी रहेगी।
और पढ़ें: ऑक्सफैम ने सराहा भारत का आरक्षण मॉडल, कहा—आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को राजनीति में मिलती है ताकत