राजधानी दिल्ली में रविवार (2 अगस्त) की सुबह करीब 4 बजकर 14 मिनट पर भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। उस समय अधिकांश लोग गहरी नींद में थे, इसलिए कई लोगों को झटकों का एहसास हुआ, जबकि कई लोग इससे अनजान रहे। भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.9 दर्ज की गई, जिसे सामान्यतः हल्की श्रेणी का भूकंप माना जाता है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप रविवार सुबह 4:14:01 बजे भारतीय समयानुसार दर्ज किया गया। इसका केंद्र दिल्ली के उत्तरी जिले में 28.721 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 76.957 डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था। भूकंप की गहराई लगभग 8 किलोमीटर मापी गई, जिसके कारण आसपास के क्षेत्रों में हल्के झटके महसूस हुए।
विशेषज्ञों के अनुसार, कम गहराई वाले भूकंपों के झटके सतह पर अधिक महसूस किए जाते हैं। हालांकि 2.9 की तीव्रता कम होने के कारण किसी बड़े नुकसान या जनहानि की आशंका नहीं रहती। राहत की बात यह है कि भूकंप के बाद दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र से किसी भी प्रकार के बड़े नुकसान, भवन क्षति या जनहानि की कोई सूचना सामने नहीं आई है।
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भूकंप पृथ्वी की सतह से लेकर लगभग 700 किलोमीटर की गहराई तक आ सकते हैं। यूएसजीएस के अनुसार, इन्हें गहराई के आधार पर उथले (शैलो), मध्यम (मीडियम) और गहरे (डीप) भूकंपों में वर्गीकृत किया जाता है। उथले भूकंप अपेक्षाकृत अधिक प्रभावी माने जाते हैं क्योंकि इनकी भूकंपीय तरंगें सतह तक कम दूरी तय करती हैं, जिससे कंपन अधिक महसूस होता है। हालांकि इस बार दर्ज की गई तीव्रता कम होने के कारण स्थिति पूरी तरह सामान्य रही और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
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