दिल्ली सरकार ने ट्रांस-यमुना क्षेत्र, जिसे आमतौर पर जमुना पार के नाम से जाना जाता है, के समग्र विकास के लिए एक बड़ा बुनियादी ढांचा पैकेज मंजूर किया है। गुरुवार को सरकार ने ₹728 करोड़ की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं को हरी झंडी दी, जिनका उद्देश्य सड़कों के पुनर्विकास, जलभराव की समस्या के समाधान और क्षेत्र के सौंदर्यीकरण को सुनिश्चित करना है।
इन परियोजनाओं को ट्रांस-यमुना डेवलपमेंट बोर्ड की बैठक में मंजूरी दी गई, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने की। बैठक में बोर्ड के अध्यक्ष और विधायक अरविंदर सिंह लवली, मंत्री कपिल मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि ट्रांस-यमुना क्षेत्र के विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने बोर्ड के सदस्यों को निर्देश दिया कि परियोजनाओं को उनकी आवश्यकता और क्षेत्र की प्राथमिकताओं के आधार पर लागू किया जाए, ताकि विकास कार्यों का लाभ सीधे स्थानीय लोगों तक पहुंच सके।
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सरकार के अनुसार, इस विकास पैकेज के तहत प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण और मरम्मत, बरसात के दौरान होने वाले जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान, नालों की सफाई और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम की स्थापना की जाएगी। इसके अलावा, पार्कों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख चौराहों के सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
ट्रांस-यमुना क्षेत्र लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी और अव्यवस्थित विकास से जूझता रहा है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के लागू होने से न केवल क्षेत्र की कनेक्टिविटी और जीवन स्तर में सुधार होगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
दिल्ली सरकार का यह कदम जमुना पार को शहर के अन्य हिस्सों के बराबर विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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