चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सेहत को लेकर एक नया दावा सामने आया है, जिसने चीन के नेतृत्व और संभावित उत्तराधिकार को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। तिब्बत की निर्वासित सरकार के पूर्व प्रमुख लोबसांग सांग्ये ने शुक्रवार को दावा किया कि शी जिनपिंग को हाल में कम से कम दो बार दिल का दौरा पड़ा और संभवतः यह संख्या तीन भी हो सकती है।
सांग्ये ने कहा कि एक वरिष्ठ पूर्व चीनी अधिकारी के साथ एक घंटे से अधिक चली बातचीत के दौरान उन्हें शी की कथित स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी मिली थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि करने वाला कोई मेडिकल रिकॉर्ड या विश्वसनीय आधिकारिक प्रमाण सामने नहीं आया है।
सांग्ये ने शी जिनपिंग की हालिया सार्वजनिक गतिविधियों और उनके हाव-भाव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें राष्ट्रपति के स्वास्थ्य में कुछ बदलाव दिखाई दिए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि शी जिनपिंग पर काफी दबाव है, जिसका असर उनके स्वास्थ्य और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ सकता है। हालांकि, इन टिप्पणियों को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता, क्योंकि वे एक अज्ञात स्रोत के कथित दावे पर आधारित हैं।
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सांग्ये ने चीन की कम्युनिस्ट पार्टी में शी जिनपिंग की पकड़, वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को हटाए जाने और उत्तराधिकारी चुनने की चुनौती पर भी चर्चा की। उन्होंने इसे ‘सम्राट की दुविधा’ बताया। उनका तर्क है कि यदि कोई शक्तिशाली नेता उत्तराधिकारी घोषित करता है तो वह भविष्य में उसके लिए चुनौती बन सकता है, जबकि उत्तराधिकारी घोषित नहीं करने पर सत्ता परिवर्तन के समय संघर्ष की स्थिति पैदा हो सकती है।
शी की सेहत को लेकर सोशल मीडिया पर पहले भी कई तरह के दावे सामने आते रहे हैं। हालांकि, चीनी आधिकारिक सूत्रों के अनुसार शी 3 सितंबर को किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन और मिस्र की राजकीय यात्रा के बाद बीजिंग लौटे।
इसलिए फिलहाल शी जिनपिंग को कई बार दिल का दौरा पड़ने की बात अपुष्ट दावा है, न कि प्रमाणित चिकित्सकीय तथ्य।
लोबसांग सांग्ये कौन हैं?
लोबसांग सांग्ये 2011 से 2021 तक केंद्रीय तिब्बती प्रशासन के निर्वाचित राजनीतिक प्रमुख रहे। वह चीन की तिब्बत नीति के लंबे समय से आलोचक रहे हैं और वर्तमान में हार्वर्ड लॉ स्कूल के पूर्वी एशियाई कानूनी अध्ययन कार्यक्रम से जुड़े हैं।
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