पंजाब से राज्यसभा सांसद संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग जिलों में एफआईआर दर्ज किए जाने की खबर सामने आई है। ये एफआईआर गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं और इनमें महिलाओं के उत्पीड़न तथा भ्रष्टाचार के आरोप शामिल हैं।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब संदीप पाठक ने हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थामा है। उनके साथ छह अन्य AAP राज्यसभा सांसदों ने भी पार्टी छोड़ी थी, जिससे राजनीतिक हलकों में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, पंजाब पुलिस की एक टीम दिल्ली स्थित उनके आवास पर पहुंची, लेकिन बताया जा रहा है कि अधिकारी पहुंचने से पहले ही संदीप पाठक घर से निकल गए थे। वहीं दिल्ली पुलिस ने भी उनके घर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है।
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हालांकि, संदीप पाठक ने इन आरोपों से अनभिज्ञता जताई है। उन्होंने कहा कि उन्हें एफआईआर की कोई जानकारी नहीं है और न ही पुलिस ने उनसे संपर्क किया है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा ईमानदारी और निष्ठा के साथ देश की सेवा की है।
पाठक ने कहा, “देश किसी भी पार्टी से बड़ा है, मैं कभी देश के साथ विश्वासघात नहीं करूंगा और न ही किसी और को ऐसा करने दूंगा। यदि मेरे जैसे व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, तो यह केवल डर को दर्शाता है।”
पाठक 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं और उन्हें 2022 के विधानसभा चुनाव में AAP की जीत का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता था। उन्होंने कहा था कि वह देश के लिए काम करना चाहते हैं और इसी कारण उन्होंने पार्टी छोड़ी।
उनके इस फैसले की राजनीतिक विश्लेषकों ने आलोचना की है और इसे AAP के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है, खासकर 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए 5 मई को राष्ट्रपति से मुलाकात की योजना बनाई है।
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