पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच फ्रांस और ब्रिटेन ने एक बड़ा कूटनीतिक कदम उठाते हुए घोषणा की है कि वे इस सप्ताह 40 से अधिक देशों के साथ एक उच्च-स्तरीय वीडियो कॉन्फ्रेंस का आयोजन करेंगे। इस बैठक का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित नौवहन (freedom of navigation) को बहाल करना है, जो वर्तमान में संघर्ष और तनाव के कारण प्रभावित है।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन ने कहा कि यह बैठक पेरिस में आयोजित की जाएगी और इसका लक्ष्य एक बहुपक्षीय और रक्षात्मक ढांचा तैयार करना है, जिससे इस महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सके।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने भी इस पहल का समर्थन करते हुए कहा कि 40 से अधिक देशों को पहले ही इस दीर्घकालिक योजना में शामिल किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद रहना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद हानिकारक है और इससे महंगाई पर भी असर पड़ रहा है।
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इस बीच, राष्ट्रपति मैक्रोन ने यह भी बताया कि उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बातचीत की है और सभी पक्षों से तनाव कम करने तथा बातचीत की ओर लौटने की अपील की है।
यह कूटनीतिक प्रयास ऐसे समय में हो रहा है जब पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत विफल हो चुकी है। लगातार असफल वार्ताओं के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि चूंकि दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन इसी जलमार्ग से होता है, इसलिए इसका बंद होना वैश्विक ऊर्जा संकट को और गहरा कर सकता है। इस कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस मार्ग को फिर से खोलने के लिए गंभीर प्रयास कर रहा है।
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