आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में विश्वविद्यालयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थानों को मूल्य आधारित शिक्षा और कौशल विकास के जरिए देश के सामाजिक और आर्थिक विकास में सक्रिय योगदान देना चाहिए।
राज्यपाल नज़ीर ने यह बात शुक्रवार को योगी वेमना विश्वविद्यालय के 11वें, 12वें, 13वें और 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कही। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के रूप में उन्होंने छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ मिशन का उद्देश्य देश में जीवन स्तर को बेहतर बनाना और आर्थिक समानता को बढ़ावा देना है। इसके लिए शिक्षा प्रणाली को इस तरह विकसित करना होगा कि छात्र न केवल ज्ञान प्राप्त करें बल्कि व्यावहारिक कौशल भी हासिल करें।
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राज्यपाल ने छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में तेजी से हो रही प्रगति के प्रति भी सावधान किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उपयोग महत्वपूर्ण है, लेकिन इसके साथ-साथ मानव बुद्धिमत्ता और संवेदनशीलता पर भी भरोसा बनाए रखना जरूरी है।
एस. अब्दुल नज़ीर ने छात्रों से कहा कि वे जटिल परिस्थितियों का सामना करने के लिए भारतीय ज्ञान परंपरा से प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान प्रणाली में गहन चिंतन, आलोचनात्मक विश्लेषण और परिवर्तन की क्षमता मौजूद है, जो जीवन की कई जटिलताओं को समझने और उनसे निपटने में मदद करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों को ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए जहां छात्र नई सोच, अनुसंधान और नवाचार के माध्यम से समाज के लिए सकारात्मक बदलाव ला सकें।
राज्यपाल ने छात्रों को मेहनत, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं बल्कि समाज के विकास में योगदान देना है।
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