प्रसिद्ध जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग गाज़ा के लिए सहायता सामग्री लेकर जा रहे एक बेड़े (फ्लोटिला) में शामिल हो गई हैं। इस बेड़े के प्रस्थान के समय बार्सिलोना बंदरगाह पर हजारों समर्थक एकत्र हुए। कई लोगों ने फिलिस्तीनी झंडे लहराए और "फ़्री पैलेस्टाइन" तथा "यह युद्ध नहीं, नरसंहार है" जैसे नारे लगाए।
यह मानवीय सहायता बेड़ा गाज़ा के लोगों तक आवश्यक चिकित्सा सामग्री और राहत सामग्री पहुँचाने के उद्देश्य से रवाना हुआ है। थनबर्ग ने कहा कि यह पहल मानवता और न्याय की रक्षा के लिए है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वे गाज़ा में हो रहे मानवीय संकट पर तुरंत ध्यान दें और हिंसा रोकने के लिए ठोस कदम उठाएँ।
समर्थकों का कहना है कि गाज़ा में जारी संघर्ष के बीच आम नागरिकों को सबसे ज्यादा कष्ट झेलना पड़ रहा है। इस बेड़े में विभिन्न देशों के कार्यकर्ता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और स्वयंसेवक शामिल हैं। आयोजकों ने बताया कि सहायता सामग्री में दवाइयाँ, खाद्य पैकेट और अन्य आवश्यक सामान हैं, जिन्हें गाज़ा के अस्पतालों और राहत शिविरों तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा।
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इस अभियान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान केंद्रित हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम गाज़ा की मानवीय स्थिति पर वैश्विक दबाव बढ़ाने का प्रयास है और फिलिस्तीन के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने का प्रतीक भी।
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