संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने ईरान को स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर तेहरान अमेरिका के साथ किसी समझौते पर नहीं पहुंचता है, तो अमेरिका संघर्ष को और अधिक तीव्रता से आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि यह विवाद “डोनाल्ड ट्रंप” के शर्तों के अनुसार ही समाप्त होगा और आने वाले दिन निर्णायक होंगे।
हेगसेथ ने कहा कि ईरान की नई नेतृत्व व्यवस्था को समझदारी से काम लेना चाहिए और अमेरिका के प्रस्तावित शर्तों पर विचार करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी हमले ईरानी सैन्य क्षमता और मनोबल को कमजोर कर रहे हैं, जिससे ईरानी सेना में बड़े पैमाने पर देहत्याग (डेजरशन) और वरिष्ठ नेताओं में निराशा देखी जा रही है। यदि ईरान समझौता नहीं करता है, तो “संयुक्त राज्य रक्षा विभाग और अधिक तीव्रता के साथ जारी रखेगा।”
हेगसेथ ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका जमीन पर सेना भेजने का इरादा तो फिलहाल नहीं रखता, लेकिन यदि ऐसा निर्णय लिया भी जाता है, तो वह सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी रणनीति में अप्रत्याशितता का भी एक बड़ा आयाम है, जिससे विरोधी को असमंजस में रखा जाता है।
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उन्होंने इस संघर्ष को लेकर यह भी कहा कि मिसाइल हमलों के बावजूद अमेरिका उन्हें इंटरसेप्ट करने के लिए तैयार है और आने वाले दिनों में स्थिति और स्पष्ट होगी।
इस दौरान अमेरिकी रक्षा सचिव ने कहा कि वार्ता भी जारी है और इसके लिए सक्रिय प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन यदि ईरान सौदा नहीं मानता तो सैन्य दबाव बढ़ेगा। इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका ईरान के साथ संघर्ष को हल करने के लिए द्विपक्षीय रणनीतियों—डिप्लोमेसी और सैन्य दबाव—का संयोजन अपनाने पर जोर दे रहा है।
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