आइसलैंड की प्रधानमंत्री क्रिस्ट्रून म्योल फ्रॉस्टाडॉटिर ने कहा है कि रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भारत और नॉर्डिक देशों के विचार अलग-अलग हैं, लेकिन सभी देशों का साझा उद्देश्य शांति स्थापित करना है। उन्होंने यह भी कहा कि यूक्रेन को इस युद्ध में जीत हासिल करनी चाहिए।
38 वर्षीय फ्रॉस्टाडॉटिर, जो दुनिया की सबसे युवा नेताओं में शामिल हैं, नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में आयोजित भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के दौरान यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में मध्यम शक्ति वाले देशों के लिए साझा मंच तैयार करना बेहद जरूरी हो गया है।
आइसलैंड की प्रधानमंत्री ने माना कि रूस के साथ संबंधों को लेकर भारत और नॉर्डिक देशों के बीच मतभेद हैं, लेकिन इसके बावजूद शांति और स्थिरता के मुद्दे पर सभी एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की संप्रभुता और स्वतंत्रता की रक्षा होना आवश्यक है।
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फ्रॉस्टाडॉटिर ने भारत और आइसलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल दोनों देशों के बीच व्यापार बहुत कम है, लेकिन नवीकरणीय ऊर्जा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग की बड़ी संभावनाएं मौजूद हैं। उन्होंने विशेष रूप से हरित ऊर्जा, स्वच्छ तकनीक और सतत विकास के क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की इच्छा जताई।
इसके अलावा उन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग को आइसलैंड में शूटिंग के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि आइसलैंड की प्राकृतिक सुंदरता और अनोखे लोकेशन भारतीय फिल्मों के लिए आकर्षक साबित हो सकते हैं। आइसलैंड पहले भी कई अंतरराष्ट्रीय फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग का प्रमुख केंद्र रहा है।
भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में वैश्विक सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, व्यापार और तकनीकी सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई।
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