भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (IIT Roorkee) ने आईआईटी प्रवेश प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट जारी किया है, जिससे हजारों छात्रों को राहत मिल सकती है। यह अपडेट विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है, जिनके कक्षा 12 (Class 12) में अंक 75 प्रतिशत से कम हैं।
आईआईटी रुड़की के अनुसार, सामान्य, ओबीसी-एनसीएल और ईडब्ल्यूएस (General/OBC-NCL/GEN-EWS) श्रेणी के छात्र जिनके 75 प्रतिशत से कम अंक हैं, तथा एससी, एसटी और दिव्यांग (SC/ST/PwD) श्रेणी के छात्र जिनके 65 प्रतिशत से कम अंक हैं, वे भी जोसा काउंसलिंग (JoSAA Counselling) के तहत अपनी पसंद भर सकते हैं। सीटों का आवंटन उनकी जेईई रैंक (JEE Rank) के आधार पर किया जाएगा।
हालांकि, संस्थान ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रों को अपने संशोधित अंकपत्र (revised score card) 15 जुलाई 2026 तक ईमेल orgjee@iitr.ac.in पर भेजना अनिवार्य होगा। इसके बाद ही अंतिम चरण में उन्हें आवंटित सीट पर प्रवेश दिया जाएगा।
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इस बीच, सीबीएसई (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर चल रहे विवाद के बीच यह निर्णय छात्रों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि कई छात्रों ने पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन के लिए आवेदन किया है।
जोसा काउंसलिंग 2026 (JoSAA Counselling 2026) को लेकर आधिकारिक वेबसाइट josaa.nic.in पर इस तरह की किसी भी छूट की पुष्टि नहीं की गई है। इस वर्ष सीटों की संख्या में लगभग 4,470 की वृद्धि दर्ज की गई है।
काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों को वेबसाइट पर जाकर पंजीकरण करना होगा, लॉगिन के बाद अपनी पसंद भरनी होगी, शुल्क का भुगतान करना होगा और आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सुरक्षित रखना होगा।
शुल्क की बात करें तो जोसा काउंसलिंग के लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं है, लेकिन पहली बार सीट मिलने पर 5000 रुपये का प्रोसेसिंग चार्ज देना होगा।
यह अपडेट लाखों जेईई अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे कम अंकों वाले छात्रों को भी आईआईटी में अवसर मिलने की संभावना बढ़ गई है।
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