पश्चिम एशिया में लगातार बिगड़ते सुरक्षा हालात के बीच भारत सरकार ने ईरान को लेकर नई यात्रा एडवाइजरी जारी की है। ईरान में भारतीय दूतावास ने रविवार को भारतीय नागरिकों से अपील की कि वे फिलहाल ईरान की यात्रा स्थगित कर दें। साथ ही, जो भारतीय पहले से ईरान में मौजूद हैं, उन्हें उपलब्ध व्यावसायिक उड़ानों के जरिए जल्द से जल्द देश छोड़ने पर विचार करने की सलाह दी गई है।
दूतावास ने अपने बयान में कहा कि जब तक ईरान की सुरक्षा स्थिति में सुधार नहीं होता, तब तक भारतीय नागरिक वहां की यात्रा से बचें और अत्यधिक सतर्कता बरतें। जिन भारतीयों ने अभी तक दूतावास में अपना पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें तुरंत पंजीकरण कराने को कहा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनसे संपर्क किया जा सके।
दूतावास ने यह भी सलाह दी कि भारतीय नागरिक नियमित रूप से दूतावास की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया मंचों पर जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखें। इसके अलावा स्थानीय समाचारों पर भी ध्यान दें और विशेष रूप से ईरान के दक्षिणी तटीय क्षेत्रों तथा सैन्य गतिविधियों वाले इलाकों में जाने से बचें। स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पूरी तरह पालन करने की भी अपील की गई है।
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यह एडवाइजरी ऐसे समय जारी की गई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष एक बार फिर तेज हो गया है। पिछले महीने हुआ युद्धविराम समझौता टूटने के बाद दोनों देशों के बीच लगातार हवाई हमले और मिसाइल हमले हो रहे हैं।
संघर्ष के दौरान जॉर्डन में ईरानी हमलों में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका ने ईरान के तटीय निगरानी केंद्रों, मिसाइल ठिकानों और ड्रोन अड्डों पर कई बार हवाई हमले किए हैं। वहीं, ईरान का दावा है कि हालिया अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोगों की मौत हुई है और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
ईरान ने क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने की चेतावनी दी है। इनमें संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, कुवैत और कतर में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डे शामिल हैं। उधर, इज़राइल ने भी जॉर्डन के अकाबा शहर की ओर दागी गई एक ईरानी मिसाइल को रोकने का दावा करते हुए किसी भी हमले का कड़ा जवाब देने की चेतावनी दी है।
लगातार बढ़ते तनाव के कारण पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और इसका असर वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला तथा ऊर्जा बाजार पर भी पड़ रहा है।
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