भारत और उज्बेकिस्तान ने ऊर्जा सहयोग को नई मजबूती देते हुए दीर्घकालिक यूरेनियम आपूर्ति का ढांचा स्थापित करने पर सहमति जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को ताशकंद में उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान यह घोषणा की। दोनों देशों ने अपने संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक बढ़ाने और 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को सालाना 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया।
वर्तमान में दोनों देशों के बीच व्यापार 1 अरब डॉलर से अधिक है। यूरेनियम समझौता भारत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि नई दिल्ली शांतिपूर्ण और नागरिक परमाणु ऊर्जा जरूरतों के लिए उज्बेकिस्तान से यूरेनियम आयात की संभावनाओं पर काम कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत दोनों देशों को ठोस लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए। उन्होंने विदेश मंत्री स्तर पर एक समन्वय परिषद बनाने का प्रस्ताव रखा, जो द्विपक्षीय सहयोग की दिशा तय करेगी। इसके अलावा मौजूदा संयुक्त आयोग को सचिव स्तर से बढ़ाकर मंत्री स्तर का करने पर भी सहमति बनी। दोनों देशों की कंपनियों और कारोबारी नेताओं की भागीदारी वाला संयुक्त व्यापार सम्मेलन आयोजित करने का फैसला भी लिया गया।
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यूरेनियम के अलावा वार्ता में डिजिटल सार्वजनिक ढांचे, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, महत्वपूर्ण खनिज, स्वच्छ ऊर्जा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के गुजरात स्थित गिफ्ट सिटी और उज्बेकिस्तान के न्यू ताशकंद को शहरी विकास और तकनीकी अनुभव साझा करने के संभावित मॉडल के रूप में पेश किया।
राष्ट्रपति मिर्जियोयेव ने कहा कि दोनों देश ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, दवा, आभूषण और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग कार्ययोजनाएं तैयार करेंगे। अंतरिक्ष, डिजिटल नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचे, खनन, रक्षा, सुरक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, सूचना प्रौद्योगिकी, यूपीआई और शिक्षा सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। भारत के कृषि और स्वास्थ्य क्षेत्र की विशेषज्ञता को उज्बेकिस्तान के बागवानी अनुभव से जोड़ने तथा औषधीय जड़ी-बूटियों और आयुर्वेद में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी बात हुई।
दोनों देशों ने उज्बेकिस्तान में फयाज टेपा और करा टेपा स्थित बौद्ध स्थलों के संरक्षण एवं पुनरुद्धार के लिए आशय पत्र पर सहमति जताई। इसके अलावा तीन सिस्टर-सिटी और सिस्टर-स्टेट साझेदारियां स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव ने प्रधानमंत्री मोदी को उज्बेकिस्तान का सर्वोच्च राजकीय सम्मान ‘ओलिय दराजाली दोस्तलिक’ भी प्रदान किया।
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