भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से टिकट आरक्षण प्रणाली में एक अहम बदलाव की घोषणा की है। रेलवे के अनुसार, 12 जनवरी से आधार-प्रमाणित (Aadhaar-authenticated) IRCTC उपयोगकर्ता आधी रात यानी रात 12 बजे तक ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुक कर सकेंगे। इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षण प्रणाली का लाभ वास्तविक यात्रियों तक पहुंचे और दलालों या अन्य असामाजिक तत्वों द्वारा इसके दुरुपयोग को रोका जा सके।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि आधार से सत्यापित यूजर्स को अतिरिक्त समय देने से न केवल टिकट बुकिंग की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होगी, बल्कि फर्जी आईडी और बॉट्स के जरिए की जाने वाली अवैध बुकिंग पर भी लगाम लगेगी। लंबे समय से यह शिकायत मिलती रही है कि तत्काल और सामान्य टिकट बुकिंग के दौरान एजेंट और दलाल बड़ी संख्या में सीटें बुक कर लेते हैं, जिससे आम यात्रियों को परेशानी होती है।
IRCTC पहले ही आधार प्रमाणीकरण को बढ़ावा दे रहा है और अब इस नए नियम के जरिए रेलवे यह संकेत दे रहा है कि भविष्य में डिजिटल और सत्यापित पहचान के आधार पर ही अधिक सुविधाएं दी जाएंगी। रेलवे का मानना है कि आधार-आधारित प्रमाणीकरण से टिकट बुकिंग में पारदर्शिता आएगी और काले बाजार में टिकटों की बिक्री पर अंकुश लगेगा।
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रेलवे सूत्रों के मुताबिक, यह कदम यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की व्यापक योजना का हिस्सा है। आने वाले समय में IRCTC प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा उपायों को और मजबूत किया जाएगा, ताकि तकनीक के दुरुपयोग को रोका जा सके। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने IRCTC अकाउंट को आधार से लिंक कर लें, ताकि इस नई सुविधा का पूरा लाभ उठा सकें।
रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है और इसके प्रभाव का आकलन करने के बाद आगे और सुधार किए जा सकते हैं।
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