ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि आने वाले दिनों में कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता होगी। ईरान के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि फिलहाल अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई बातचीत तय नहीं है और अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता की प्रक्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई है।
ईरान ने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका के साथ किसी भी स्तर पर कोई वार्ता निर्धारित नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का कतर दौरा और ईरानी प्रतिनिधिमंडल की यात्रा आपस में जुड़ी हुई नहीं है।
रिपोर्ट ने बताया कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल का दौरा केवल समझौता ज्ञापन (एमओयू) के प्रावधानों, विशेष रूप से अनुच्छेद 11 के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अंतिम समझौते पर बातचीत शुरू करने की शर्तें अभी पूरी नहीं हुई हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार, 14 बिंदुओं वाले एमओयू के अनुच्छेद 13 में स्पष्ट किया गया है कि अंतिम समझौते पर औपचारिक वार्ता तभी शुरू होगी, जब अनुच्छेद 1, 4, 5, 10 और 11 का क्रियान्वयन शुरू होकर जारी रहेगा। अनुच्छेद 11 के तहत अमेरिका को ईरान की प्रतिबंधित या फ्रीज की गई संपत्तियों और धनराशि तक उसकी पहुंच सुनिश्चित करनी होगी तथा आवश्यक अनुमति और लाइसेंस जारी करने होंगे।
दूसरी ओर, व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और राष्ट्रपति ट्रंप के वरिष्ठ सलाहकार जैरेड कुशनर आज मंगलवार को दोहा पहुंचेंगे। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने दावा किया कि यह बैठक ईरान के अनुरोध पर हो रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप पश्चिम एशिया में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं और ईरान को अमेरिका के साथ एक सकारात्मक समझौता करना चाहिए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब हाल ही में होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव बढ़ा था। हालांकि, ईरान ने दोहराया है कि इस सप्ताह किसी भी तकनीकी या औपचारिक वार्ता की कोई योजना नहीं बनाई गई है।
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