अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची एक बार फिर पाकिस्तान पहुंचे हैं। यह उनकी तीन दिनों के भीतर दूसरी पाकिस्तान यात्रा है, जिससे क्षेत्रीय कूटनीतिक गतिविधियों में तेजी देखी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, अराघची रविवार को रावलपिंडी स्थित नूर खान एयरबेस पर पहुंचे। इससे पहले वे ओमान की यात्रा पर थे, जहां उन्होंने सुल्तान हैथम बिन तारीक से मुलाकात कर होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और अमेरिका-ईरान तनाव कम करने के प्रयासों पर चर्चा की थी।
इससे पहले अराघची ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बातचीत की थी। अब अपनी संक्षिप्त यात्रा के दौरान वे फिर से पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ बैठक करेंगे और इसके बाद रूस की राजधानी मॉस्को के लिए रवाना होंगे।
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इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रतिनिधियों स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर की इस्लामाबाद यात्रा रद्द कर दी है। ट्रंप ने कहा कि वार्ता के लिए अमेरिका के पास मजबूत स्थिति है और फिलहाल यह यात्रा आवश्यक नहीं है।
अराघची ने अपनी पिछली यात्रा को “बहुत फलदायी” बताया था और कहा था कि ईरान क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए प्रयासरत है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह देखना बाकी है कि अमेरिका कूटनीतिक समाधान को लेकर कितना गंभीर है।
दूसरी ओर, पाकिस्तान ने सुरक्षा कारणों से लगाए गए कुछ प्रतिबंधों में ढील दी है। पहले अमेरिका-ईरान वार्ता की संभावना को देखते हुए इस्लामाबाद और रावलपिंडी में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन कूटनीतिक गतिविधियों से मध्य पूर्व और वैश्विक राजनीति में आने वाले समय में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
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