शनिवार को ईरान ने बहरीन, कुवैत और यूएई में अमेरिकी एयरबेसों पर हमला किया, जिससे मध्यपूर्व में तनाव और बढ़ गया। ईरान के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त अमेरिकी-इज़राइली हमले का जवाब देते हुए कहा कि अब वतन की रक्षा का समय आ गया है। मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "हम अपने देश की रक्षा के लिए किसी भी प्रकार की कार्रवाई से नहीं हिचकेंगे।"
ईरान ने महीनों से इस प्रकार के हमले की धमकी दी थी और शनिवार को उसने पहले इज़राइल को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया, फिर कुवैत और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले शुरू कर दिए। कतर में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, हालांकि नुकसान के बारे में तत्काल कोई जानकारी नहीं मिल पाई।
भारत ने भी इस क्षेत्र में चल रहे तनाव को देखते हुए अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। भारतीय दूतावास ने एक ट्वीट में कहा, "ईरान में सभी भारतीय नागरिकों को अत्यधिक सतर्क रहने, अनावश्यक आवागमन से बचने और जितना हो सके घर के अंदर रहने की सलाह दी जाती है।"
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संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने ईरान में "मुख्य युद्ध अभियानों" की शुरुआत की है। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह परमाणु हथियार और मिसाइल प्रणालियाँ विकसित कर रहा है जो अमेरिका तक पहुँच सकती हैं।
कतर, बहरीन और कुवैत में भी आंशिक रूप से चेतावनियाँ जारी की गईं और लोगों से शरण लेने का आग्रह किया गया।
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