मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिका-ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया को निशाना बनाते हुए दो मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, दोनों मिसाइलें अपने लक्ष्य को भेदने में असफल रहीं।
रिपोर्ट के अनुसार, एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही विफल हो गई, जबकि दूसरी को अमेरिकी युद्धपोत से दागे गए इंटरसेप्टर द्वारा नष्ट कर दिया गया। यह हमला ईरान की बढ़ती सैन्य क्षमता और लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों के उपयोग की ओर संकेत करता है।
डिएगो गार्सिया, जो चागोस द्वीपसमूह में स्थित है, रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा है। यह ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र का हिस्सा है और मुख्य रूप से अमेरिका द्वारा संचालित किया जाता है। यह अड्डा एशिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका में सैन्य अभियानों के लिए प्रमुख केंद्र माना जाता है।
और पढ़ें: अमेरिका ने ईरानी तेल बिक्री पर 30 दिन की छूट दी, वैश्विक ऊर्जा संकट कम करने की कोशिश
इस बेस का इस्तेमाल पहले अफगानिस्तान और इराक में अमेरिकी अभियानों के दौरान भी किया गया था।
इस बीच, ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपने हमलों का दायरा बढ़ाकर दुनिया भर के पर्यटन स्थलों को भी निशाना बना सकता है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका अपने सैन्य अभियानों को कम करने पर विचार कर रहा है।
हालांकि, क्षेत्र में संघर्ष लगातार जारी है। तेहरान सहित कई स्थानों पर हमले हो रहे हैं, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है और खाद्य व ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है और आने वाले समय में हालात और भी तनावपूर्ण हो सकते हैं।
और पढ़ें: इजराइल-अमेरिकी मिसाइल हमले में IRGC प्रवक्ता जनरल अली मोहम्मद नाइनी की मौत