मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसने अभी तक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है और फिलहाल ऐसा करने की कोई योजना भी नहीं है। ईरान के उप विदेश मंत्री डॉ. सईद खतिबजादेह ने शुक्रवार को कहा, “हमने अभी तक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद नहीं किया है। यदि हम ऐसा करेंगे तो इसकी आधिकारिक घोषणा करेंगे। फिलहाल इसे बंद करने का कोई इरादा नहीं है।”
दरअसल, 28 फरवरी से संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद क्षेत्र में तनाव तेजी से बढ़ गया है। इस संघर्ष के जवाब में ईरान ने कतर और ओमान जैसे देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले भी किए हैं। इसी दौरान कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया था कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को जलाने की धमकी दी है।
होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग 55 किलोमीटर चौड़ा समुद्री मार्ग है, जो ईरान और ओमान के बीच स्थित है और फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है।
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आमतौर पर इस मार्ग से हर दिन करीब 1.3 करोड़ बैरल तेल यानी वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 31 प्रतिशत गुजरता है। इसलिए यदि इस जलडमरूमध्य को बंद किया जाता है तो इसका सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ता है।
रिपोर्टों के अनुसार, हालिया तनाव के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले समुद्री यातायात में करीब 70 प्रतिशत की कमी आई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 79 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट की कीमत 71 डॉलर प्रति बैरल तक दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि संघर्ष जारी रहता है तो वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
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