अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के 35वें दिन हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं। इस बीच अमेरिका ने ईरान के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि क़ेश्म द्वीप के ऊपर एक अमेरिकी लड़ाकू विमान मार गिराया गया है।
युद्ध के बीच अमेरिकी सेना में बड़ा बदलाव भी देखने को मिला है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज को पद छोड़ने और तुरंत सेवानिवृत्ति लेने को कहा है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब युद्ध लगातार तेज होता जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी के अंत से अब तक ईरान में अमेरिकी और इज़राइली हमलों में 2000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 26,000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। वहीं, मिसाइल हमलों का सिलसिला जारी है। इज़राइल ने यमन से एक और मिसाइल दागे जाने की पुष्टि की है, जो इस युद्ध के दौरान चौथी घटना है। साथ ही ईरान की ओर से भी लगातार मिसाइलें दागी जा रही हैं, जिन्हें वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोका जा रहा है।
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अमेरिका ने कहा है कि वह ईरान के खिलाफ अपनी “मैक्सिमम प्रेशर” नीति जारी रखेगा, जिसमें प्रतिबंध और उसके सहयोगी समूहों के खिलाफ कार्रवाई शामिल है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी कहा कि कूटनीति का विकल्प अभी भी खुला है, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सख्त चेतावनी जारी रहेगी।
ईरान में जमीनी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। चिकित्सा जरूरतें तेजी से बढ़ रही हैं और आशंका है कि आपातकालीन आपूर्ति खत्म हो सकती है। ईरान ने दावा किया है कि अब तक 600 से अधिक स्कूल और शैक्षणिक संस्थान क्षतिग्रस्त हो चुके हैं।
इसी बीच दुबई सरकार ने ओरेकल के डेटा सेंटर पर हमले की खबरों को पूरी तरह झूठा बताया है।
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