यूएस-इजराइल-ईरान युद्ध अब अपने तीसरे सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। ईरान ने ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 की 66वीं लहर शुरू की, जिसमें भारी मल्टी-वारहेड मिसाइलें तैनात की गईं और इजराइल व अमेरिकी बलों से जुड़े लक्ष्यों पर हमले किए गए। इस बीच, यूरोपीय संघ के नेताओं ने होर्मुज जलसंधि को फिर से खोलने का आह्वान किया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने NATO साझेदारों की आलोचना की और कहा कि वे अमेरिका की मदद नहीं करना चाहते थे ताकि ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोका जा सके। ट्रम्प ने कहा, “ईरान के खिलाफ लड़ाई सैनिक दृष्टि से जीती जा चुकी है।”
इस बीच, केंद्रीय सरकार ने जानकारी दी कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष में छह भारतीय नागरिकों की मौत हो गई है। सरकार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार गल्फ नेताओं के संपर्क में हैं और भारत ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के लिए संवाद की आवश्यकता पर जोर दिया है। इसके साथ ही, भारत ने होर्मुज जलसंधि से जहाजों की सुरक्षित और मुक्त नेविगेशन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
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वहीं, ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि इजराइली हमले के जवाब में ईरान ने केवल “अंश” शक्ति का उपयोग किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरानी बुनियादी ढांचे पर फिर हमला हुआ, तो कोई संयम नहीं रहेगा।
इस विकास के बीच इजराइल और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, दोनों पक्ष मिसाइल हमलों और सैन्य कार्रवाई में व्यस्त हैं।
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